अकबर और बीरबल Motivational Story In Hindi #Moral Story Akbar and Birbal

नमस्कार , दोस्तो आज की Motivational और Moral की story है अकबर और बीरबल की । ये कहानी उन लोगो को लिए है जो भीड़ मे चले जाते है । जिशे पढ कर आप को जरूर अच्छा मोटिवेशन मिलेगा 

अकबर और बीरबल Motivational Story In Hindi #Moral Story Akbar and Birbal
अकबर और बीरबल Motivational Story In Hindi #Moral Story Akbar and Birbal   


Motivational अकबर और बीरबल की कहानी 

एक बार जहांपना अकबर ने बीरबल से कहां के अविध्या  किया है । तो बीरबल ने कहा कि इस सवाल का जवाब देने के लिए मुझे 4 दिन की छुट्टी चाहिए, तो अकबर ने पूछा कि छुट्टियां क्यों चाहिए । तो बीरबल ने कहा कि मेरा दिमाग थक गया है आपका जवाब देते देते इसलिए मुझे । मेरे दिमाग को थोड़ा आराम चाहिए लेकिन 4 दिन के बाद में जब वापस आऊंगा तब मैं पक्के से बताऊंगा कि अविध्या किया है अकबर ने कहा ठीक है जैसा तुम्हें मंजूर है  

छुट्टी मिलने के बाद बीरबल सीधा घर गया और घर जाने के बाद सीधा मोची के पास गया।  बीरबल मोची के पास गया और मोची को बोला की मुजे ऐसी शानदार जूतियां बनाओ जिसे जो देखे वह देखता ही रह जाए। तो मोची ने बीरबल से कहा जरा कैसे बनानी है उसका कुछ नाम तो बता दीजिए।  तो बीरबल ने कहा की नाम-बाम कुछ नहीं, कैसी भी बनाओ कैसे भी लंबी बनाओ कैसे भी छोटी बनाओ लेकिन सबसे अच्छी और शानदार बननी चाहिए। उसमें हीरे जेवरात जुड़े होने चाहिए।जिसे देखते ही लोग बोले वाह क्या जूतियां है। तुझे जितना टाइम चाहिए उतना टाइम ले सकते हो। मोची ने कहा कि जनाब आप बनवा किसके लिए है । तो बीरबल ने कहा कि तुम ज्यादा सवाल मत करो।  बनने के बाद  तुम्हें भूलना होगा कि तुमने जुतिया बनाई है यही शर्त है । मोची  ने कहा मुझे मंजूर है ।3 दिन के बाद बीरबल गया और जूतियां लेकर आया और पैसे भी दे दिए और कहां के तुम्हें किसी को बताना नहीं है कि ये मेने  बनाई है ।

अकबर और बीरबल Motivational Story In Hindi #Moral Story Akbar and Birbal


बीरबल जूती लेके घर गया एक जूती वह अपने घर ले गया और दूसरी जूती उसने मस्जिद में फेंक दी । तो सुबह-सुबह मौलवी साहब मस्जिद गए तो उसने देखा कि  जूती दिख रही है जैसे ही मौलवी साहब ने जूती देखी उसमें हीरे जवेरात  लगे हुए थे सोने के धागे थे सिले हुए थे ,उसे देखकर मौलवी साहब को लगा कि यह तो जरूर किसी ऊपर वाले की जूती होगी किसी आम इंसान की तो ऐसी हो ही नहीं सकती जरूर ऊपर वाला  नमाज पढ़ने आए होगे और एक जूतियां छोड़ गए होगे ।उसने उन जूति को आफ्नो आखो पे लगाया और चूमा । मोलवी  साहब ने जो लोग नमाज पढ़ने आ रहे थे वह सब को दिखाने लगे, देखो यह जूती  कैसी है ऊपर वाला खुद आया था वह जूती छोड़ गया और सब लोगों ने कहा यह सही यार ऐसी चीज तो किसी आम इंसान की हो ही नहीं सकती । जरूर ये जूती  तो कोई ऊपरवाला की होगी । सब लोगोने चूमा और आंखो पे लगाया ।

akbar -birbal story in hindi 

यह बात बादशाह अकबर तक पहुंची तो अकबर ने कहां के लाओ ,यहां जूती दिखाओ मैं भी देखना चाहता हूं कैसी जूती है ।  तो अपना ने अकबर ने भी हो जूती देखी और वह भी बोलने लगा आया रे जरूर किसी ऊपर वाले की होगी जो नमाज पढ़ने के लिए आया होगा छोड़ गया किसी आम इंसान की हो ही नहीं सकती । akbar ने भीजूती  एजुचूमा और माथे पे लगाया । akabar  कहा की इसको अच्छी तरह से आप अच्छी जगह रखवा दो और उसकी पूजा होनी चाहिए ऐसा अकबर ने कह दिया और उसकी तो पूजा होने लगी। 

Motivation story in hindi  with moral 

तभी बीरबल की 4 दिन की छुट्टी खत्म हो गई थी ।  राजा अकबर के सामने आया और खूब मायूस दिख रहा था तो तो अकबर ने बीरबल से पूछा क्या हुआ बीरबल तुम इतने मायुश में क्यों लग रहे हो, इतने थके हुए क्यों दिख रहे हो । तो बीरबल ने कहा क्या करूं राजा साहब हमारे घर में चोर आए थे और वह चोर हमारी परदादा की दो जूते थे वो ले गये ।लेकिन जूते में से एक जूते वह ले गया और एक जूता रख गये । वह जूतियां हमारे दिल के इतने करीब थी कि आज तक हमने उसे बेचा नहीं था । तो अकबर कहां की क्या दूसरी जूती तुम्हारे पास है ? तो बीरबल ने कहा हा ,राजा साहब यह रही । तो अकबर को दिखाई  और जैसे ही हो जूती को देखा तो राजा साहब का माथा अटक गया।  और अकबर ने कहा कि जूती हमने जो रखवाई  है ,उसे वापस लेकर आओ ।वह  जूती वापस ले लेकर आए और जोड़ा पूरा हो गया और बीरबल  को दिया । 

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तभी बीरबल ने कहा महाराज यही अविध्या है।  ना आपको कुछ पता था ,ना उसको कुछ पता था । सब के सब  एक दूसरे की भीड़ बकरे की तरह चले  जा रहे थे । किसी को कुछ नहीं पता था इससे ही अविध्या कहा  जाता है

Moral of Motivation  Story  

यह बात हर हिस्से पर कहानी पर एक  सीख देती है कि अगर आप कोई student है ,या कोई Job  कर रहे हो,या  कोई Company  में काम कर रहे हो । दूसरों की बात को सच मान लेना कहां की समझदारी है


आशा करता हु आपको ये Motivational story जो Hindi मे है वो आपको पढ़के आनंद आया होगा । और कहानी का Moral आपको अच्छा लगा होगा ।


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